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इलाज के लिए मोबाइल पर आएगा मैसेज, साॅफ्टवेयर तैयार
उज्जैन | प्रदेश में अब राज्य बीमारी सहायता योजना के गंभीर बीमारी के रोगियों को सीएमएचओ और सीएस कार्यालय के चक्कर नहीं काटना पड़ेंगे। इलाज भी तय समय पर हो जाएगा। बकायदा रोगी को ऑपरेशन व इलाज के लिए अस्पताल से मोबाइल पर मैसेज तो आएंगे ही फोन कर भी बुलाया जाएगा। यह बदलाव योजना को ऑनलाइन किए जाने से होगा। इसके लिए साफ्टवेयर तैयार करवाया है। अगले महीने से व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। इसका फायदा प्रदेश के हर महीने करीब 3 हजार रोगियों को मिलेगा।
गरीब तपके के गंभीर बीमारी से पीडितों के लिए शासन ने 1997 से यह योजना शुरू की थी। इसके तहत 21 चिह्नित गंभीर बीमारियों का 25 हजार से 2 लाख रुपए तक के इलाज/ऑपरेशन का खर्च शासन वहन करता है। दो दशक से रोगी मैन्यूअली आवेदन करके योजना का लाभ लेते आ रहे हैं लेकिन शासन ने कुछेक प्रकरणों में पाया कि रोगियों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से चिकित्सा अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटना पड़ते हैं, इससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। लिहाजा शासन ने योजना को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन साफ्टवेयर तैयार करवाया है। स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय संचालक डॉ. केएल साहू के अनुसार साफ्टवेयर को लांच करने से पूर्व से 21 नवंबर को 25 व 22 नवंबर को 26 जिलों के सीएमएचओ, सीएस, नोडल अधिकारी व ऑपरेटरों को भोपाल में ट्रेनिंग दी जाएगी। उनकी क्यूरी दूर कर सुझाव भी लिए जाएंगे। इसके बाद दिसंबर से साफ्टवेयर को लांच कर दिया जाएगा। कोई दिक्कत आई तो 1 जनवरी को शुरुआत करेंगे।
उज्जैन जिले के हर माह 40 रोगियों का होता इलाज
सीएमएचओ डॉ. वीके गुप्ता ने बताया कि राज्य बीमारी सहायता (निधि) योजना के तहत जिले से हर महीने औसतन 40 रोगियों का ऑपरेशन/इलाज होता है। सीएस डॉ. राजू निदारिया ने बताया कि गंभीर बीमारियों के 15 प्रकरण तो वे ही जिला अस्पताल से स्वीकृत करते हैं। व्यवस्था ऑनलाइन होने से रोगी के साथ अमले को भी सुविधा होगी।